Jump to content

ASLAM BANDVI

Sign in to follow this  
  • entries
    3
  • comment
    1
  • views
    758

About this blog

Rti activist and social worker

These blogs are based on the problems of my village as you all know that 70 percent of the people in the village are illiterate and the officials take advantage of this and exploit them.

Entries in this blog

कानून के रखालों ने कानून बेंच डाला

कानून जिसे इंसानों की रक्षा के लिए बनाया गया है उसी कानून को बड़े बड़े अधिकारियों द्वारा नेताओं मंत्रियों सांसदों विधायकों और माफियाओं का गुलाम बनया जा रहा है सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में पारित हुआ जिसे आम आदमी का अधिकार कहा जाता है ये कानून इस लिए बनाया गया ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके  मगर आज स्थिति ऐसी हो गई है कि यूपी जैसे राज्यों में इसका कोई प्रभाव नहीं है आज भी यहां सूचना मिल पाती और अगर किसी ने संसद विधायक या किसी अधिकारी से संबंधित सूचना मांगने की कोशिश करता है तो उसे डराया जाता है उसको और उसके परिवार को झूठे केस में फंसाया जाता है इस सबके बावजूद आरटीआई कार्यकर्ता को सूचना नहीं दी जाती 1st अपील करो या सेकंड अपील करो कोई फायदा नहीं होता ये तो कहा जाता है कि हम लोकतंत्र में जी रहे हैं लेकिन हालात उसके उलट हैं ऐसा लगता है जैसे हम गुलामी में जी रहे हों सच को सच नहीं बोल सकते गुंडागर्दी अपने उरूज पर है और हमारे मंत्री से प्रधान मंत्री तक इन गुंडों को फॉलो करते हैं ये गुंडे बे लगाम हो गए हैं और पोलिस अधिकारी प्रधान मंत्री बन बैठे हैं आम आदमी पोलिस से सवाल नहीं कर सकता अगर पोलिस के पास जाना है या कोई शिकायत करनी है तो जेब में पैसा हो या साथ में दलाल हो तब ही पोलिस आपकी सुनेगी मैं यूपी के जनपद बांदा का रहने वाला हूं जनपद बांदा के थाना चिल्ला में पुलिस की लापरवाही और गुंडागर्दी थमने का नाम नहीं ले रही है यहां माफिया पुलिस को अपनी जेब में बंद रखते हैं यहां रेत माफिया का बोल बाला है 25 जनवरी 2018 को सादी पुर की बालू खदान चालू हुई खदान का रास्ता लौमर की सड़क से दिया गया जो की सरासर नाजायज है गांव वालों ने इसका विरोध किया अपनी सड़क बचाने के लिए गांव वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ी चिल्ला थाने के प्रभारी श्री राकेश सरोज साहब ने गांव के 55 लोगों पर मुकदमा कायम कर दिया 7 नवजावनो पर डकैती का मुकद्दमा और 12 लोगों पर गुंडा एक्ट लगा दिया डकैती और गुंडा एक्ट मुकद्दमा उन लोगों पर लगाया गया जिनके खिलाफ पूरे देश में कहीं भी एक शिकायत या एफ आई आर तक नहीं है । अब आप सोचेंगे कि ऐसा क्यों हुआ पुलिस कि क्या दुश्मनी थी वो ऐसा क्यों करेगी तो उसका सीधा जवाब है कानून बिक रहा है और कानून के रखवाले उसे बेंच रहे हैं  यहां इंसाफ नहीं है अगर भ्रष्टाचार को रोकना है तो सबसे पहले पुलिस विभाग में बदलाव लाना होगा सिस्टम को बदलना होगा उदाहरण के तौर पर में आपको अपनी एक कहानी बताता हूं  मैंने चिल्ला पुलिस की शिकायत एसएसपी बांदा को किया एसएसपी साहब ने उसी अधिकारी को जांच करने के आदेश दिए जिसे मैंने आरोपी बनाया था अधिकारी ने एसएसपी को दी गई अपनी रिपोर्ट में ये लिखा कि शिकायत निराधार और गलत है मुझे यही उम्मीद थी चोर कभी नहीं बोलता की उसने चोरी कि है फिर मैंने डीएम बांदा और डीआईजी चित्रकूट आईजी आलाहाबद डीजीपी यूपी को पत्र लिखकर इस बात की शिकायत कि उन सभी ने भी एसएसपी को आदेश दिया कि इस प्रकरण की जांच की जा य और एसएसपी ने वापस उसी अधिकारी को जांच सौंप दी फिर वही रिपोर्ट कि ये शिकायत निराधार और गलत है फिर मैंने सीएम यूपी और पीएम भारत को पत्र लिखकर इंसाफ की मांग की उन्होंने भी वही किया जो अभी तक होता आया है पीएम ने सीएम को सीएम ने डीजीपी को डीजीपी ने डीआईजी को और डीआईजी ने एसएसपी को और एसएसपी ने वापस उसी अधिकारी को जांच सौंप दिया मजाक बना कर रख दिया है इन लोगों ने ऐसा लगता है कि कानून है ही नहीं   बाकी कल पढ़ें  

khan1978

khan1978

 

सूचना का अधिकार अधिनियम और भारत की 90% जनता इस कानून से अनजान

भारत में आज भी गांव के 80% लोग अनपढ़ है उन्हें अपने अधिकार भी नहीं मालूम वो नहीं जानते की भारत सरकार ने उनके लिए कौन सी योजनाएं बनाई है भारत सरकार की ओर से लाभान्वित योजनाएं जो उसने गांवों में रह रहे गरंवसियों के लिए बनाती है उसमें सिर्फ 10% पढ़े लिखे सिक्षित लोगों का कब्ज़ होता है और वो लोग इन अनजान और सीधे सादे लोगों को इन योजनाओं के बारे में नहीं बताते ग्राम प्रधान हो या कोटेदार या फिर कोई भी अधिकारी हो अपनी मन मानी करते हैं अब बताए कि जिसे अपने अधिकार नहीं मालूम जो एक पोलिस वाले के सामने तेज आवाज में बात नहीं कर सकते उन लोगों को क्या पता सूचना का अधिकार क्या होता है उन्हें तो ये भी नहीं मालूम कि ऐसा कोई कानून बनाया है सरकार ने इस लिए जरूरत है कि गांव के लोगों को इस कानून के बारे में बताया जाए उन्हें ये समझना होगा कि उनके गांव के विकास के लिए ये कानून कितना प्रभावी है  मैं उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के ग्राम laumar का मूल निवासी हूं मेरे गांव के 99%लोगों को इस कानून कि जानकारी नहीं है यहां तक की गांव में जो व्यक्ति बड़ा नेता माना जाता है उसे भी नहीं मालूम कि ये क्या है प्रधान को भी नहीं मालूम अब इससे बड़ी विडम्बना क्या हो सकती है कि जिसे गांव वाले अपना नेता चुनते हैं कि वो गांव का विकाश करेगा उस को ही नहीं मालूम कि सूचना का अधिकार क्या है वो सिर्फ इतना जानता है कि जो बीडीओ और एसडीएम साहब कहदें वहीं कानून है और वहीं होना है और होता भी वही है जो जो बीडीओ सचिव और एसडीएम कह दें क्योंकि इन्हें अपने अधिकार ही नहीं मालूम इसलिए मैं चाहता हूं कि मेरे गांव का बच्चा बच्चा अपने अधिकार जाने और गांव जिला में ग्राम विकाश में भागीदार बने तभी शाशन प्रशाशन सही से कार्य करेंगे

khan1978

khan1978

 

अंधेर नगरी चौपट राजा

#अंधेरनगरी #चौपट #राजा
समझ में नहीं आता कि कहां से शुरू करूं सवाल तो बहुत हैं दिल में लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं कि अगर नहीं लिखता तो सच्चाई को छुपाने का आरोप लगेगा और लिखता हूं तो किसी का छुपा हुए राज से दुनिया को अवगत कराने का आरोप लगेगा इस लिए मुझे दोनों बातों का ख्याल रखते हुए लिखना पड़ रहा है
ये बात तो सभी जानते हैं कि गांव में विकाश की क्या हालत है सड़कें 20 साल से वैसी हैं जैसी 20 साल पहले थीं गांव में गरीब भी उतने ही हैं जितने 20 साल पहले थे जो गरीब थे वो आज भी गरीब हैं उन्हें कोई भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलता सरकारी योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं को मिलता है जो या तो किसी विधायक या प्रधान की चमचा गिरी करते हैं या पैसे वाले होते हैं मेरे गांव में आज ऐसे बहुत से परिवार है जिन्हें सरकारी अनाज की सख्त जरूरत है मगर उनका तो राशन कार्ड ही नहीं है और जिन्हें उज्ज्वला योजना के तहत गैस मिलनी चाहिए उन्हें आज तक नहीं मिली और जिन लोगों के पास गाड़ी बंदूक है खेती है saoodi वगैरह में कमाने वाले हैं उनके पास राशन कार्ड भी है और उज्ज्वला योजना के तहत गैस भी मिल गई है यानी गरीबों के हिस्से का अमीर खा रहे हैं मगर  इस बात को बोलने वाला कोई नहीं है बोलेगा भी कौन वैसे भी गरीबों के हक के लिए कौन लड़ता है इंद्रा आवास योजना को ही देखले इस योजना के तहत जितने भी घर बने हैं उसमें से 70% घर उन लोगों को दिए गए हैं जिनके पास पहले से ही 2 2 पक्के घर बने हुए हैं और इन सबका कसूर वार कौन है  इन सब के कसूर वार वहीं हैं जिन्हें। हम चुनते हैं कभी हिन्दू के नाम पर तो कभी मुसलमान के नाम पर क्या कभी हम किसी को विकाश के नाम पर चुने हैं यहां तक कि आज तक किसी ने प्रधान तक से ये सवाल नहीं किया होगा विधायक और संसद से सवाल करने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता भूतपूर्व प्रधान राम कुमार ने इंद्रा आवास में उन्हीं लोगों के नाम लिखें हैं जो या तो उसके चमचे थे या फिर उसके साथ में दारू पीने वाले थे और जितने भी आवास पास हुए हैं उनमें से अधिकतर के पास पहले से ही पक्के घर बने हुए हैं और ये बात प्रधान और सचिव पंचायत मित्र सभी जानते हैं लेकिन कोई भी इसे सही करने की कोशिश नहीं करेगा यहां तक कि विधायक जैसे लोग भी सिर्फ हिन्दू मुस्लिम की बात करते हैं इस मामले में बात नहीं करते मैंने आज एक बड़े नेता से फोन पर बात की उनसे कहा कि साहब हमारे गांव में में बालू की 2 खदान चालू हुई हैं जिसकी वजह से हमारा पूरा गांव एक जेल बनकर रहगया गांव के दोनों तरफ से बालू के भरे ट्रक निकालते हैं आप कुछ करिए वर्तमान में आपकी सरकार है अगर आप कुछ कहेंगे तो आपकी अधिकारी और सरकार आपकी मानेगी तो सबसे पहले तो उन्होंने मेरा नाम पूछा तो मैंने अपना नाम संतोष बताया जानते हो उन्होंने क्या जवाब दिया अब उनका जवाब पढ़िए 
उन्होंने कहा कि यार तुम लोग हिन्दू हो कैसे हिन्दू हो अरे यार हिन्दू भाई अपना अगर कमा रहा है। तो इसमें तुम्हें क्या तकलीफ़ है तुम्हें तो खुश होना चाहिए कि कोई हिन्दू  मजबूत हो रहा है सिंधन में एक मुसलमान खदान चला रहा है तुम लोग उसमें नहीं बोलते हथौड़ा के मदरसे में आतंकवादी पढ़ते हैं तुम लोग उसमें नहीं बोलते तुम्हें सिर्फ यही लोग दिखते है अरे भाई जब हिन्दू मजबूत होगा तभी तो मुसलमान कमजोर होगा तो मैंने कहा साहब लेकिन हमारे गांव में खदान चालू हुई हैं उसमें मुसलमानों का कोई नुकसान नहीं है वो तो गांव के बीच में नुकसान तो हमारा हो रहा है एक तरफ ब्राह्मणों की बस्ती है तो दूसरी तरफ केवतों की बस्ती है अगर कोई दुर्घटना होगी तो हमारे साथ ही होगी मुसलमानों के साथ कहां होगी इसमें सबसे ज्यादा तकलीफ़ तो हिन्दुओं को है तो उन्होंने कहा कि भाई में इसमें कुछ नहीं कर्साकत ये हमारे एजेंडे में नहीं है तुमने बीजेपी को वोट दिया है तो मुसलमानों को कमजोर करने के लिए दिया है खदान बंद कराने के लिए नहीं दिया तो मैंने फोन काट दिया और फिर सोचता रहा की क्या वाकई हमारे गांव के हिन्दुओं ने  मुसलमानों को कमजोर। करने के लिए बीजेपी को वोट दिया था ये तो वही लोग बता सकते हैं जिन्होंने बीजेपी को वोट दिया हो मगर ये बात समझ में आगई है कि बीजेपी ने मुसलमानों के नाम पर वोट लिया है उसका मकसद सिर्फ हिन्दू मुस्लिम करना है और कुछ नहीं और यही वो कर भी रहे हैं वरना क्या वजह है कि मैंने इस खदान के लिए प्रधान मंत्री को 3 बार लिख चुका हूं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई कार्रवाई होगी क्यों उन्हें तो हिन्दू भाई को मजबूत करना है  सो वो करते हैं उन्हें इससे कोई लेना नहीं है कि जब पूरे गांव को तकलीफ़ होगी तो उसमें सिर्फ मुसलमान हो या हिन्दू सब को तकलीफ़ होगी अब ये बात हमारे गांव के हिंदुवो को सोचना चाहिए कि उन्होंने बीजेपी को वोट देकर कहीं ठग तो नहीं गए 
 

khan1978

khan1978

Sign in to follow this  

Announcements



  • Blog Entries

  • Recently Browsing

    No registered users viewing this page.

  • Blog Statistics

    • Total Blogs
      2,798
    • Total Entries
      2,905
  • Blog Comments

  • Our picks

    • There can be no faith in government if our highest offices are excused from scrutiny - they should be setting the example of transparency.
        • Like
      • 0 replies
    • LUCKNOW: The Central government has provided categorized security cover to 308 persons, out of which 24 have been provided the highest Z-plus cover, according to the answer to an RTI query.


      As per information provided by S.C.L. Das, Joint Secretary in the Union Home Ministry to city-based activist Nutan Thakur, two dozen persons have been given Z-plus security, 59 persons have been given Z security, 109 have been given Y-plus, 34 have been given Y and 82 persons have been given X category security.

       
        • Thanks
        • Like
      • 1 reply
    • Your Fundamental Right to see the Government Records in a time-bound manner by paying 10 rupees.
        • Thanks
        • Like
      • 0 replies
    • New Delhi: Delhi High Court has ruled that vehicles of India’s top constitutional authorities like the President, the Vice President, Governors and Lieutenant Governors will have to be registered with the authority. According to the ruling, all vehicles need to clearly display the registration numbers. A petition, filed by an NGO Nyayabhoomi, claimed that the practice of displaying the state emblem, instead of the registration numbers, make the dignitaries become easy targets for terrorists and anyone with malicious intent.


      In December last year, the Delhi High Court had asked the Centre and the Aam Aadmi Party (AAP) government in the national capital to place before it the rules regarding display of just the State Emblem of India on the cars of the constitutional authorities and dignitaries, such as the President, instead of their registration numbers, PTI had reported.

      The petitioner also sought direction to the Delhi government and Delhi Police to seize the cars used by the Rashtrapati Bhawan, Vice President, Raj Niwas and Protocol division of the Ministry of External Affairs for not being registered under the Motor Vehicles Act, PTI reported.

      After the petition was filed, a bench of acting Chief Justice Gita Mittal and Justice C Hari Shankar had directed both the governments to check the position and inform it about the same.

      The plea was based on an RTI response by the Ministry of External Affairs which stated that none of its 14 cars maintained were registered.

      Last year, the Rashtrapati Bhawan had refused to provide the registration numbers of all the presidential vehicles on the ground that disclosure of such information would endanger the security of the state and life of the President.
        • Thanks
      • 0 replies
    • Road Work Stopped midway causing accidents
      In our area, Corporation started laying new roads for sub-streets.They uprooted all the ballast in the sub street to prepare the street for laying new road.After heaping the ballast, they stopped the work midway causing life miserable for residents. A child playing on the street got her head broken on the ballast and got treated in a  Private hospital.MLC registered.We are unable to take our vehicles out.Raised a complaint with  Corporation and they did not take action till date ( more than 2 months elapsed since the date of complaint ).I would like a draft a complaint with proper exhibits.I need MLC information from police such as doctor MLC report.wound certificate etc to prove the mishap due to negligent conduct of the contractor,engineer and supervisor of corporation.Also need information on the contractor who left the work midway and the AE incharge of the ward.Also, in the main street,they re-laid the road with tar and within 2 months,  a huge hole has come up.We have temporarliy closed it with boxes to prevent accidents.

       

       
      • 0 replies
×

Important Information

By using this site, you agree to our Terms of Use & Privacy Policy