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Naveen Agrawal

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Information under RTI cannot be Refused even if the matter is sub judice : Naveen Agrawal

Information under RTI cannot be Refused even if the matter is sub judice : Naveen Agrawal

Information under RTI cannot be Refused even if the matter is sub judice : Naveen Agrawal Workshop on RTI organised for officers of primary schools 320 people trained in 4 days Nagpur. "Information sought under the RTI act 2005  cannot be denied on the pretext of  the matter concerned  being sub judice  as per the provision of the act under section 8 (1) (b)" observed Mr. Naveen Maheshkumar Agrawal, recognised trainer of  YASHADA , Pune  and Registrar, Dada Ramchand Bakhru Sind

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On International Right to Information Day  1000 Copies of The RTI Act Sent by Naveen Agrawal

On International Right to Information Day 1000 Copies of The RTI Act Sent by Naveen Agrawal

Nagpur. 28th September is observed as International Right to Information Day across the world. Mr. Naveen Maheshkumar Agrawal, Registrar, Dada Ramchand Bakhru Sindhu Mahavidyalaya, with a view to creating awareness about the Right to Information Act, 2005 in society sent the soft copies of the RTI Act to 1000 people on International Right to Information Day. It was indeed a novel way on his part to spread awareness about the Act. The copies of the Act were sent in English, Hindi and Marathi lang

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मामला न्यायप्रविष्ट होने का कारण बताकर सूचना देने से इनकार नहीं किया जा सकता : नवीन अग्रवाल

मामला न्यायप्रविष्ट होने का कारण बताकर सूचना देने से इनकार नहीं किया जा सकता : नवीन अग्रवाल

मामला न्यायप्रविष्ट होने का कारण बताकर सूचना देने से इनकार नहीं किया जा सकता : नवीन अग्रवाल प्राथमिक शालाओं के अधिकारियों के लिए सूचना अधिकार पर कार्यशाला 4 दिन में 320 लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया नागपुर। "मांगी गई सूचना से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन होने पर मामला न्यायप्रविष्ट होने का कारण बताकर आवेदक को सूचना देने से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8 (1) (ख) के अनुसार न्यायालय द्वारा किसी सूचना के प्रकट करने पर यदि स्पष्ट रूप से

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प्रकरण न्यायप्रविष्ट असल्याचे कारण देऊन माहिती देण्यास नाकारता येत नाही: नवीन अग्रवाल

प्रकरण न्यायप्रविष्ट असल्याचे कारण देऊन माहिती देण्यास नाकारता येत नाही: नवीन अग्रवाल

प्रकरण न्यायप्रविष्ट असल्याचे कारण देऊन माहिती देण्यास नाकारता येत नाही: नवीन अग्रवाल प्राथमिक शाळांच्या अधिकाऱ्यांसाठी माहिती अधिकार कार्यशाळेचे आयोजन 4 दिवसात 320 लोकांना प्रशिक्षण नागपूर.  "मागितलेली माहिती संबंधी प्रकरण न्यायप्रविष्ट असल्याचे कारण देऊन अर्जदाराला माहिती देण्यास नाकारता येत नाही, कारण माहितीचा अधिकार अधिनियम, 2005 च्या कलम 8 (1) (ख) नुसार न्यायालयाने जी प्रकाशित करण्यास स्पष्टपणे मनाई केली आहे किंवा जी प्रकट केल्यामुळे न्यायालयाचा अवमान होऊ शकेल फक्त अशी माहिती

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