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ASLAM BANDVI

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सूचना का अधिकार अधिनियम और भारत की 90% जनता इस कानून से अनजान

भारत में आज भी गांव के 80% लोग अनपढ़ है उन्हें अपने अधिकार भी नहीं मालूम वो नहीं जानते की भारत सरकार ने उनके लिए कौन सी योजनाएं बनाई है भारत सरकार की ओर से लाभान्वित योजनाएं जो उसने गांवों में रह रहे गरंवसियों के लिए बनाती है उसमें सिर्फ 10% पढ़े लिखे सिक्षित लोगों का कब्ज़ होता है और वो लोग इन अनजान और सीधे सादे लोगों को इन योजनाओं के बारे में नहीं बताते ग्राम प्रधान हो या कोटेदार या फिर कोई भी अधिकारी हो अपनी मन मानी करते हैं अब बताए कि जिसे अपने अधिकार नहीं मालूम जो एक पोलिस वाले के सामने तेज आवाज में बात नहीं कर सकते उन लोगों को क्या पता सूचना का अधिकार क्या होता है उन्हें तो ये भी नहीं मालूम कि ऐसा कोई कानून बनाया है सरकार ने इस लिए जरूरत है कि गांव के लोगों को इस कानून के बारे में बताया जाए उन्हें ये समझना होगा कि उनके गांव के विकास के लिए ये कानून कितना प्रभावी है 

मैं उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के ग्राम laumar का मूल निवासी हूं मेरे गांव के 99%लोगों को इस कानून कि जानकारी नहीं है यहां तक की गांव में जो व्यक्ति बड़ा नेता माना जाता है उसे भी नहीं मालूम कि ये क्या है प्रधान को भी नहीं मालूम अब इससे बड़ी विडम्बना क्या हो सकती है कि जिसे गांव वाले अपना नेता चुनते हैं कि वो गांव का विकाश करेगा उस को ही नहीं मालूम कि सूचना का अधिकार क्या है वो सिर्फ इतना जानता है कि जो बीडीओ और एसडीएम साहब कहदें वहीं कानून है और वहीं होना है और होता भी वही है जो जो बीडीओ सचिव और एसडीएम कह दें क्योंकि इन्हें अपने अधिकार ही नहीं मालूम इसलिए मैं चाहता हूं कि मेरे गांव का बच्चा बच्चा अपने अधिकार जाने और गांव जिला में ग्राम विकाश में भागीदार बने तभी शाशन प्रशाशन सही से कार्य करेंगे

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