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    Make MPLAD Funds details public-CIC

    नई दिल्ली. केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सरकार को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस-सांसद निधि) के तहत किए गए कामों की जानकारी को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। ये निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सीआईसी को बताया कि वे एमपीएलएडीएस को फंड जारी करता है, लेकिन आंकड़ों के अलावा उसका रिकॉर्ड नहीं रखता।

    सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु ने कहा, "मंत्रालय को उपयोग प्रमाणपत्र जिला प्राधिकरण द्वारा भेजा गया है, लेकिन उसकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई। अभी इस बात का भी पता नहीं है कि इन प्रमाणपत्रों में वास्तविक कामों की जानकारी है या नहीं।" एमपीएलएडीएस के तहत हर सांसद को उनके संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य करने के लिए 5 करोड़ रुपए दिए जाते हैं।

    अपीलकर्ता को सूचना के अधिकार के तहत नहीं मिली जानकारी
    इस संबंध में एक शख्स प्रशांत जैन ने ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में किए गए कामों को लेकर मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से जानकारी मांगी थी। जैन ने जानना चाहा था कि जनवरी 2015 से अगस्त 2017 के बीच सांसद ने अपने लोकसभा क्षेत्र में कितना फंड किस संस्थान या फिर व्यक्ति को दिया। अपीलकर्ता ने आयोग को बताया कि उसे सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और जिला प्रशासन से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। देश का नागरिक होने के नाते उसे और जनता को सरकारी पैसे के इस्तेमाल के बारे में जानने का पूरा हक है।

    The detailed campaign for MPLAD funds can be read here https://righttoinformation.wiki/guide/applicant/application/sample/mla-fund

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